Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
विनम्रता

प्रशंसा में अपने आपके स्वरूप को भूलकर व प्रशंसा करने वालों के अनुकूल चर्या बनाकर और कष्ट उठाकर व्याकुल बनना पड़ता है।

In being praised, one forgets one's own true nature, shapes one's conduct to please the flatterers, and, taking on hardship, becomes agitated.

— आराध्य सूत्र · #3049

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जीवन जीने का आनंद संघर्ष में नहीं समर्पण से मिलता हैं जैसे विभीषण ने संघर्ष नहीं समर्पण किया, तो राम ने उसको लंका का राजा बना दिया, रावण ने संघर्ष किया तो मिट्टी में मिला दिया।
विनम्रता