Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
धन

सम्पत्ति होने पर तृष्णा से, व्यवस्था से, भय से सदैव आकुलित होता है और विपत्ति आने पर घबड़ाकर दुःखी होता है।

When one has wealth, he is forever agitated by craving, by managing it, and by fear; and when calamity comes, he panics and grieves.

— आराध्य सूत्र · #3048

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लक्ष्मी हिंडोले की तरह चंचल है। विषयों से उत्पन्न हुआ सुख अंततः दुःखप्रद है। देह विपत्ति का घर है। अत्यधिक धन मृत्यु का प्रचुर साधन है। संसार अत्यधिक शोकपूर्ण है। स्त्रियाँ अनर्थ की जड़ हैं। फिर भी लोग इस घोर संसार में ही रत रहते हैं। आत्मा में रत नहीं होते यह आश्चर्य है।
धन