Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
संयम

जब गंध अधिक बढ़ती है, तब बाग उजड़ जाते हैं। जब आवाज अधिक बढ़ती है, तब राग बिगड़ जाते हैं ॥ क्योंकि हर चीज की एक सीमा होती है बन्धुओं! जब स्वार्थ अधिक बढ़ता है, तब व्यवहार बिगड़ जाते हैं ॥

When fragrance grows too strong, gardens are ruined; when sound grows too loud, melodies are spoiled. For everything has a limit, my friends! When selfishness grows too much, relationships are spoiled.

— आराध्य सूत्र · #2967

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मनुष्य का शरीर रथ है, बुद्धि सारथी है और इन्द्रियाँ इसके घोड़े हैं। इसको वश में करके साधना करने वाला चतुर एवं धीर पुरुष काबू में किए हुए घोड़ों से सारथी की भाँति सुखपूर्वक यात्रा करता है।
संयम