Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
धन

धन, सत्ता और मान-मनुष्य से असंख्य पाप और अनर्थ कराते हैं।

Wealth, power, and pride make a man commit countless sins and calamities.

— आराध्य सूत्र · #2542

इसी विषय के और सूत्र

सभी धन →
लक्ष्मी हिंडोले की तरह चंचल है। विषयों से उत्पन्न हुआ सुख अंततः दुःखप्रद है। देह विपत्ति का घर है। अत्यधिक धन मृत्यु का प्रचुर साधन है। संसार अत्यधिक शोकपूर्ण है। स्त्रियाँ अनर्थ की जड़ हैं। फिर भी लोग इस घोर संसार में ही रत रहते हैं। आत्मा में रत नहीं होते यह आश्चर्य है।
धन