Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
विनम्रता

सद्गुणों का होना ही काफी नहीं है, उन्हें व्यवस्थित रखना भी नितांत आवश्यक है, सारे सद्गुण विनय के आधीन हैं।

Merely having virtues is not enough; keeping them in order is also utterly necessary — and all virtues are subordinate to humility.

— आराध्य सूत्र · #2518

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जीवन जीने का आनंद संघर्ष में नहीं समर्पण से मिलता हैं जैसे विभीषण ने संघर्ष नहीं समर्पण किया, तो राम ने उसको लंका का राजा बना दिया, रावण ने संघर्ष किया तो मिट्टी में मिला दिया।
विनम्रता