Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
विनम्रता

निरभिमानता की परीक्षा अभिमान या अपमान का निमित्त मिलने पर होती है प्रशंसा के काल में तो सभी नम्र बन जाते हैं।

Egolessness is tested when an occasion for pride or insult arises; in times of praise everyone becomes humble.

— आराध्य सूत्र · #2474

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जीवन जीने का आनंद संघर्ष में नहीं समर्पण से मिलता हैं जैसे विभीषण ने संघर्ष नहीं समर्पण किया, तो राम ने उसको लंका का राजा बना दिया, रावण ने संघर्ष किया तो मिट्टी में मिला दिया।
विनम्रता