Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
संयम

जितना प्रयत्न व परिश्रम परद्रव्य के उपार्जन या रक्षण में किया जाता है, उससे भी कम प्रयत्न यदि समता भाव के सम्भालने में किया जावे तो सांसारिक वैभव तो अनायास व अनाकुल सुख की प्राप्ति भी अविलम्ब होगी।

If even less effort than is spent acquiring and guarding external possessions were spent in maintaining equanimity, worldly splendour would come effortlessly and untroubled happiness without delay.

— आराध्य सूत्र · #2471

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मनुष्य का शरीर रथ है, बुद्धि सारथी है और इन्द्रियाँ इसके घोड़े हैं। इसको वश में करके साधना करने वाला चतुर एवं धीर पुरुष काबू में किए हुए घोड़ों से सारथी की भाँति सुखपूर्वक यात्रा करता है।
संयम