विनम्रता जो अपने गुरुजनों का आदर नहीं करता वह अपना ही अपमान करता है। One who does not respect his elders dishonours only himself. — आराध्य सूत्र · #2461 0 – भेजें 🖼️ इमेज सेव करें · Save image card
जीवन जीने का आनंद संघर्ष में नहीं समर्पण से मिलता हैं जैसे विभीषण ने संघर्ष नहीं समर्पण किया, तो राम ने उसको लंका का राजा बना दिया, रावण ने संघर्ष किया तो मिट्टी में मिला दिया। विनम्रता 0 – भेजें
अपनी आलोचना (निंदा) में रुचि होना इस बात का सबूत है कि मैंने अपने घर की देखभाल शुरू कर दी है। विनम्रता 0 – भेजें
प्रशंसा किए जाने पर संतुष्ट होना कापोत लेश्या है, प्रशंसा की चाह होना अशुभ परिणाम है। विनम्रता 0 – भेजें