Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
विनम्रता

जब तक स्वार्थ और अभिमान हैं, तब तक किसी के भी साथ प्रेम नहीं हो सकता है।

As long as selfishness and pride exist, one cannot truly love anyone.

— आराध्य सूत्र · #2409

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जीवन जीने का आनंद संघर्ष में नहीं समर्पण से मिलता हैं जैसे विभीषण ने संघर्ष नहीं समर्पण किया, तो राम ने उसको लंका का राजा बना दिया, रावण ने संघर्ष किया तो मिट्टी में मिला दिया।
विनम्रता