Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
विनम्रता

जो दूसरों से सम्मान नहीं चाहते और स्वयं ही दूसरों को सम्मान देते हैं तथा सम्माननीय पुरुषों को नमस्कार करते हैं, वे दुर्लंघ्य संकटों से पार हो जाते हैं।

Those who seek no honour from others but themselves honour others and bow to worthy persons cross over even insurmountable troubles.

— आराध्य सूत्र · #2393

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जीवन जीने का आनंद संघर्ष में नहीं समर्पण से मिलता हैं जैसे विभीषण ने संघर्ष नहीं समर्पण किया, तो राम ने उसको लंका का राजा बना दिया, रावण ने संघर्ष किया तो मिट्टी में मिला दिया।
विनम्रता