Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
धन

जो धन अत्यन्त क्लेश उठाने से और धर्म का उल्लंघन करने से अथवा शत्रु के सामने सिर झुकाने से प्राप्त होता हो, उसमें आप बल न लगाए।

Do not exert yourself for wealth that is gained by great suffering, by violating dharma, or by bowing your head before an enemy.

— आराध्य सूत्र · #2066

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लक्ष्मी हिंडोले की तरह चंचल है। विषयों से उत्पन्न हुआ सुख अंततः दुःखप्रद है। देह विपत्ति का घर है। अत्यधिक धन मृत्यु का प्रचुर साधन है। संसार अत्यधिक शोकपूर्ण है। स्त्रियाँ अनर्थ की जड़ हैं। फिर भी लोग इस घोर संसार में ही रत रहते हैं। आत्मा में रत नहीं होते यह आश्चर्य है।
धन