Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
दान

खुद कमाना और खुद खाना प्रकृति है, दूसरों से छीनकर खाना विकृति है और स्वयं कमाना तथा दूसरों को खिलाना संस्कृति है।

Earning and eating for oneself is nature; snatching from others to eat is distortion; earning oneself and feeding others is culture.

— आराध्य सूत्र · #1919

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परोपकार में सर्वदा संलग्न रहने वाला सज्जन व्यक्ति विनाश के अवसर पर भी विनाश करने वाले से भी शत्रु भाव नहीं रखता है जैसे चन्दन का वृक्ष काटने वाले कुल्हाड़े का भी मुख सुगन्धित कर देता है।
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