Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
दान

दान की प्राथमिकता हमेशा हमारे नजदीकी परिजन, मित्र, कर्मचारी के प्रति पहले होनी चाहिए। देश में बहुत मात्रा में लोग आँखों की रोशनी से वंचित हैं।

The priority in charity should always be first towards our close relatives, friends and employees. A great many people in the country are deprived of eyesight.

— आराध्य सूत्र · #1905

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परोपकार में सर्वदा संलग्न रहने वाला सज्जन व्यक्ति विनाश के अवसर पर भी विनाश करने वाले से भी शत्रु भाव नहीं रखता है जैसे चन्दन का वृक्ष काटने वाले कुल्हाड़े का भी मुख सुगन्धित कर देता है।
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