संयम दुःख में कभी घबराओ मत और सुख में कभी इतराओ मत। Never panic in sorrow and never grow vain in happiness. — आराध्य सूत्र · #1969 0 – भेजें 🖼️ इमेज सेव करें · Save image card
मनुष्य का शरीर रथ है, बुद्धि सारथी है और इन्द्रियाँ इसके घोड़े हैं। इसको वश में करके साधना करने वाला चतुर एवं धीर पुरुष काबू में किए हुए घोड़ों से सारथी की भाँति सुखपूर्वक यात्रा करता है। संयम 0 – भेजें
इन्द्रियाँ वश में न होने के कारण अर्थ को अनर्थ और अनर्थ को अर्थ समझकर अज्ञानी पुरुष बहुत बड़े सुख से हाथ धो बैठता है। संयम 0 – भेजें