Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
दान

अतिथियों को आहार दान दिये बिना भोजन करने वाले गृहस्थ को दो पैर वाला बिना सींग-पूँछ का पशु कहा है।

A householder who eats without first offering food to guests is called a two-legged beast without horns or tail.

— आराध्य सूत्र · #1941

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परोपकार में सर्वदा संलग्न रहने वाला सज्जन व्यक्ति विनाश के अवसर पर भी विनाश करने वाले से भी शत्रु भाव नहीं रखता है जैसे चन्दन का वृक्ष काटने वाले कुल्हाड़े का भी मुख सुगन्धित कर देता है।
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