Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
दान

साधु लोग यदि अपने आलस्य को दूर कर मठों, धर्मस्थानों में रखा धन सार्वजनिक सेवा में खर्च करें, तो उनके विरुद्ध जो शिक्षितों में भावना है वह अविलम्ब दूर हो सकती है।

If holy men would shed their idleness and spend the wealth stored in monasteries and religious places on public service, the resentment that exists against them among the educated could be removed at once.

— आराध्य सूत्र · #1527

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परोपकार में सर्वदा संलग्न रहने वाला सज्जन व्यक्ति विनाश के अवसर पर भी विनाश करने वाले से भी शत्रु भाव नहीं रखता है जैसे चन्दन का वृक्ष काटने वाले कुल्हाड़े का भी मुख सुगन्धित कर देता है।
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