Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
संयम

आँख से देखना नियत है पर क्या देखेगी यह अनियत है अन्यथा पञ्चेन्द्रिय निरोध मूलगुण पालन के पुरुषार्थ का उपदेश क्यों?

Seeing with the eye is fixed, but what it will see is not fixed; otherwise why the teaching to strive to observe the basic virtue of restraining the five senses?

— आराध्य सूत्र · #1288

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मनुष्य का शरीर रथ है, बुद्धि सारथी है और इन्द्रियाँ इसके घोड़े हैं। इसको वश में करके साधना करने वाला चतुर एवं धीर पुरुष काबू में किए हुए घोड़ों से सारथी की भाँति सुखपूर्वक यात्रा करता है।
संयम