Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
संयम

द्रव्य शुद्धि के बिना भावशुद्धि नहीं होती, कषायों के अभाव में भावशुद्धि होती है।

Without purity of substance there is no purity of disposition; purity of disposition arises in the absence of passions.

— आराध्य सूत्र · #805

इसी विषय के और सूत्र

सभी संयम →
मनुष्य का शरीर रथ है, बुद्धि सारथी है और इन्द्रियाँ इसके घोड़े हैं। इसको वश में करके साधना करने वाला चतुर एवं धीर पुरुष काबू में किए हुए घोड़ों से सारथी की भाँति सुखपूर्वक यात्रा करता है।
संयम