Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
संयम

स्वाधीन कार्य शान्ति में अधिक सहायक है, सत्समागम व सेवा पराधीन है, स्वाध्याय बहुशः स्वाधीन है। ‘‘जो विषय-कषाय में बंधा है वह पराधीन है।’’

Self-dependent activity is more conducive to peace; good company and service are dependent, while self-study is largely self-dependent. 'One who is bound in sense-objects and passions is dependent.'

— आराध्य सूत्र · #498

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मनुष्य का शरीर रथ है, बुद्धि सारथी है और इन्द्रियाँ इसके घोड़े हैं। इसको वश में करके साधना करने वाला चतुर एवं धीर पुरुष काबू में किए हुए घोड़ों से सारथी की भाँति सुखपूर्वक यात्रा करता है।
संयम