Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
कर्म

पहले जो कमाया उसे भोगने में आनाकानी मत करो, सम्यग्दृष्टि वही है जो पाप से स्वयं को अलिप्त रखे।

Do not shirk from bearing the fruits of what you earlier earned; the true right-seer is one who keeps himself unstained by sin.

— आराध्य सूत्र · #16

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