Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
धर्म

समचतुरस्र संस्थान तीर्थङ्कर के होता है, इसलिये उनकी मूर्ति बनती है, शेष केवली छहों संस्थान वाले हो सकते हैं।

The perfectly symmetrical body-structure belongs to a Tirthankar, which is why His image is made; other omniscients may have any of the six body-structures.

— आराध्य सूत्र · धवला पुस्तक प्रथम · #15

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