Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
कर्म

उदयावली के कर्म की नियम से निर्जरा होती है जैसे टिकिट खरीदने जो रेलिङ्ग में चला गया वह इधर-उधर नहीं होता है।

The karma within the udayavali is shed by rule, just as one who has entered the railing to buy a ticket cannot move here and there.

— आराध्य सूत्र · धवला पुस्तक प्रथम · #10

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