Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
कर्म

पुण्य-पाप को धूप-छांव की तरह मानकर मध्यस्थ रहना चाहिये।

Regarding merit and sin like sunshine and shade, one should remain equanimous.

— आराध्य सूत्र · #8

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