Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
विविध

बलवान- कर्मों में मोहनीय कर्म, इन्द्रियों में रसना इन्द्रिय, गुप्तियों में मनोगुप्ति, व्रतों में ब्रह्मचर्य व्रत, ज्ञानों में केवलज्ञान, माता-पिता में तीर्थंकर के माता-पिता, भ्रमण शील में नारद, चञ्चलों में मन चञ्चल है।

The strongest: among karmas the deluding karma, among senses the tongue, among restraints the restraint of mind, among vows celibacy, among knowledges omniscience, among parents the parents of a Tirthankar, among wanderers Narad, and among the restless the mind is the most restless.

— आराध्य सूत्र · #26

इसी विषय के और सूत्र

सभी विविध →
जीवन जीने के सात सूत्र– १. धीरे बोलिए शान्ति मिलेगी। २. भक्ति करो मुक्ति मिलेगी। ३. सेवा कीजिए शक्ति मिलेगी। ४. दान कीजिए मान मिलेगा। ५. संतोष कीजिए सुख मिलेगा। ६. सहन कीजिए साथ मिलेगा। ७. अहम् छोड़ो अर्हं बनोगे।
विविध