Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
कर्म

एकेन्द्रिय जीव की मिथ्यात्व की स्थिति एक सागर है और जघन्य स्थिति पल्य का संख्यातवां भाग कम एक सागर होती है।

The duration of wrong-belief karma of a one-sensed being is one sagar, and the minimum duration is one sagar less a numerable fraction of a palya.

— आराध्य सूत्र · #11

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