Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
अनासक्ति

भारत में हजारों ट्रेनें चल रही हैं, यदि हमारा त्याग नहीं हैं तो हमें आरम्भ का दोष लग रहा है, इसलिए आज हम वाहन का प्रयोग नहीं करेंगे, ऐसा नियम कर लेना चाहिये, कपड़ों का, नल के पानी का और गृहस्थी सम्बन्धी अनावश्यक कार्यों का त्याग करने से पाप से बच जाते हैं।

Thousands of trains run in India; if we have no renunciation, the fault of injury (arambha) attaches to us. Therefore one should make a vow such as 'today I will not use a vehicle'; by renouncing unnecessary use of clothes, tap-water and household activities one is saved from sin.

— आराध्य सूत्र · #4

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किसी वस्तु के संयोग के लिए शोक करना इसलिए व्यर्थ है क्योंकि संयोग में शान्ति और स्वाधीनता नहीं है किसी वस्तु के वियोग में शोक करना इसलिए व्यर्थ है क्योंकि पर की रक्षा अपने अधीन नहीं है व पर का अपने से तादात्म्य नहीं है तथा वियोग में अपने स्वरूप की हानि भी नहीं है।
अनासक्ति
धर्म कथा सुनते समय, श्मशान में शवदाह की ज्वाला देखते समय और रोग से सन्तप्त रोगी के कष्ट का अनुभव करते समय मानव हृदय में जो संसार से विरक्त होने की बुद्धि पैदा होती है, यदि वह मनोदशा मस्तिष्क में क्षणिक न रहे स्थिर हो जाये तो मनुष्य संसारी मायाजाल से शीघ्र ही मुक्ति पा लेता है।
अनासक्ति