Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
विविध

सामान्य से तीन प्रकार का योग होता है, विशेष की अपेक्षा पन्द्रह प्रकार का योग होता है, चार मनोयोग- सत्य, असत्य, उभय, अनुभय, चार वचनयोग-सत्य, असत्य, उभय, अनुभय, सात काययोग- औदारिक, औदारिकमिश्र, वैक्रियक, वैक्रियकमिश्र, आहारक, आहारकमिश्र, कार्मण काययोग।

In general there are three kinds of yoga (activity); specifically there are fifteen kinds: four of mind—true, false, both, neither; four of speech—true, false, both, neither; and seven of body—audarik, audarik-mixed, vaikriyik, vaikriyik-mixed, aharak, aharak-mixed, and karman body-yoga.

— आराध्य सूत्र · #1

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जीवन जीने के सात सूत्र– १. धीरे बोलिए शान्ति मिलेगी। २. भक्ति करो मुक्ति मिलेगी। ३. सेवा कीजिए शक्ति मिलेगी। ४. दान कीजिए मान मिलेगा। ५. संतोष कीजिए सुख मिलेगा। ६. सहन कीजिए साथ मिलेगा। ७. अहम् छोड़ो अर्हं बनोगे।
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