Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
विविध

असंख्यात प्रदेश- जैसे दस मीटर कपड़े को घरी लगा कर रख दो तो भी वह असंख्यात प्रदेशी है, उसी प्रकार जीव चाहे राघवमच्छ के शरीर में हो या चींटी के शरीर में हो वह असंख्यात प्रदेशी ही होता है।

Innumerable space-points: just as ten metres of cloth folded up is still of innumerable points, so a soul, whether in the body of a huge Raghava fish or of an ant, is always of innumerable space-points.

— आराध्य सूत्र · #11

इसी विषय के और सूत्र

सभी विविध →
जीवन जीने के सात सूत्र– १. धीरे बोलिए शान्ति मिलेगी। २. भक्ति करो मुक्ति मिलेगी। ३. सेवा कीजिए शक्ति मिलेगी। ४. दान कीजिए मान मिलेगा। ५. संतोष कीजिए सुख मिलेगा। ६. सहन कीजिए साथ मिलेगा। ७. अहम् छोड़ो अर्हं बनोगे।
विविध