तित्थयरा तप्पियरा, हलहर चक्कीय अद्ध चक्कीय। देवाय भोयभूमा, आहारो अत्थि णत्थि णीहारो।।
तीर्थङ्कर उनके माता-पिता, बलभद्र, चक्रवर्ती, अर्धचक्रवर्ती, देव और भोगभूमि के जीवों का आहार होता है पर नीहार नहीं होता है।
Tirthankars, their parents, the Balabhadras, Chakravartis, half-Chakravartis, gods and the beings of the enjoyment-lands take food but have no excretion.
— आराध्य सूत्र · #15
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