Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
प्रकृति

जैसे मिट्टी में अनाज का दाना हो तो अङ्कुर उत्पन्न होता है, उसी प्रकार विकलत्रय की संवृत योनी जानना चाहिए, कुछ अनाज जो ठण्ड में होते हैं उनकी शीत योनी होती है और जो गर्मी में होते हैं उनकी ऊष्ण योनी होती है, मनुष्य मिश्र योनिवाले होते हैं, इस प्रकार योनियों के चौरासी लाख भेद होते हैं।

As a grain of corn in the soil sprouts, so should the covered birth-nucleus of the three incomplete-sensed classes be understood; some grains that grow in the cold have a cold nucleus and those in the heat a hot nucleus; humans have a mixed nucleus; thus there are eighty-four lakh kinds of birth-nuclei.

— आराध्य सूत्र · #47

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