Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
विवेक

गजब का तमाशा- रामकृष्णपरमहँस जी का इन्दौर में प्रवचन था, प्रवचन के प्रारम्भ में उन्होंने दो-तीन बार कहा ! आज हमने गजब का तमाशा देखा, श्रोताओं को सुनने की उत्कण्ठा हुई, उन्होंने कहा ! एक महिला दो-तीन बच्चों के साथ धान कूट रही थी, वह बीच-बीच में बच्चों से बातें भी करती जाती थी, और फटाफट मूसल भी पटकती जाती थी, लेकिन एक भी मूसल उसके हाथ में नहीं लगा, उसी प्रकार ज्ञानी भी घर में रहता है, घर के सारे काम करता है, पर पाप कर्म से अपने को हमेशा बचाता रहता है।

A wondrous spectacle: Ramakrishna Paramahamsa was giving a discourse in Indore; at its start he said two or three times, 'Today we saw a wondrous spectacle!' The listeners grew eager. He said: a woman was husking paddy along with two or three children; now and then she chatted with the children and swiftly struck the pestle, yet not once did the pestle strike her hand. Likewise the wise one lives at home and does all the household work, yet always keeps himself safe from sinful karma.

— आराध्य सूत्र · #3

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प्रकृति ने सूर्योदय, सूर्यास्त, गर्मी, बरसात, ठंड सब का समय निश्चित कर रखा है केवल मनुष्य को ही हर बात की छूट दे रखी है, कब सोना, कब जागना, क्या करना सब कुछ स्वयं मनुष्य के हाथ में है वह सब कुछ करने में स्वतंत्र है।
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