Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
विवेक

मिथ्यादृष्टि- जैसे पित्त रोगी, बहिन को माता और माता को बहिन कहता है उसी प्रकार मिथ्यादृष्टि का तत्त्वों के विषय में अनिश्चय रहता है।

The wrong-believer: just as a bile-sick man calls his sister mother and his mother sister, so the wrong-believer remains uncertain about the principles.

— आराध्य सूत्र · #46

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प्रकृति ने सूर्योदय, सूर्यास्त, गर्मी, बरसात, ठंड सब का समय निश्चित कर रखा है केवल मनुष्य को ही हर बात की छूट दे रखी है, कब सोना, कब जागना, क्या करना सब कुछ स्वयं मनुष्य के हाथ में है वह सब कुछ करने में स्वतंत्र है।
विवेक