Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
कर्म

जीवविपाकी= भाव है, पुद्गलविपाकी= द्रव्य है, क्षेत्रविपाकी= क्षेत्र है, भवविपाकी= काल है।

Soul-ripening is disposition, matter-ripening is substance, region-ripening is region, and birth-ripening is time.

— आराध्य सूत्र · #33

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