Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
विवेक

आँख निश्चनय और पैर व्यवहारनय के समान है जैसे आँख नहीं खोलेंगे तो वस्तु स्वरूप नहीं दिखेगा और चलेंगे नहीं तो मंजिल पर नहीं पहुँचेंगे।

The eye is like the absolute standpoint and the feet like the practical standpoint: if you do not open your eyes you will not see the nature of the thing, and if you do not walk you will not reach the destination.

— आराध्य सूत्र · #20

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प्रकृति ने सूर्योदय, सूर्यास्त, गर्मी, बरसात, ठंड सब का समय निश्चित कर रखा है केवल मनुष्य को ही हर बात की छूट दे रखी है, कब सोना, कब जागना, क्या करना सब कुछ स्वयं मनुष्य के हाथ में है वह सब कुछ करने में स्वतंत्र है।
विवेक