Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
विवेक

कुत्ता हड्डी को चबाता है और सोचता है हड्डी से खून आ रहा है, उसी प्रकार अज्ञानी प्राणी समझता है, कि भोगों से आनन्द आ रहा है, पर आनन्द तो आत्मा का स्वभाव है जड़ का नहीं।

A dog chews a bone and thinks the blood comes from the bone (not knowing it is its own); likewise the ignorant being thinks joy comes from sensual pleasures, but joy is the nature of the soul, not of inert matter.

— आराध्य सूत्र · #13

इसी विषय के और सूत्र

सभी विवेक →
प्रकृति ने सूर्योदय, सूर्यास्त, गर्मी, बरसात, ठंड सब का समय निश्चित कर रखा है केवल मनुष्य को ही हर बात की छूट दे रखी है, कब सोना, कब जागना, क्या करना सब कुछ स्वयं मनुष्य के हाथ में है वह सब कुछ करने में स्वतंत्र है।
विवेक