Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
अनासक्ति

बन्दर मुठ्ठी बाँध कर घड़े से चने निकालता है, जब हाँथ नहीं निकलता, तो कहता है इस घड़े ने पकड़ लिया, वास्तव में तो उसने घड़े को पकड़ रखा है, इसी प्रकार संसारी प्राणी ने स्वयं गृहस्थी को पकड़ रखा है और कहता है परिवार के लोग नहीं छोड़ते हैं।

A monkey makes a fist to pull chickpeas from a pot; when its hand won't come out it says, "This pot has caught me," though in truth it has caught the pot. In the same way, the worldly being has itself gripped the household, yet says, "My family will not let me go."

— आराध्य सूत्र · #33

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किसी वस्तु के संयोग के लिए शोक करना इसलिए व्यर्थ है क्योंकि संयोग में शान्ति और स्वाधीनता नहीं है किसी वस्तु के वियोग में शोक करना इसलिए व्यर्थ है क्योंकि पर की रक्षा अपने अधीन नहीं है व पर का अपने से तादात्म्य नहीं है तथा वियोग में अपने स्वरूप की हानि भी नहीं है।
अनासक्ति
धर्म कथा सुनते समय, श्मशान में शवदाह की ज्वाला देखते समय और रोग से सन्तप्त रोगी के कष्ट का अनुभव करते समय मानव हृदय में जो संसार से विरक्त होने की बुद्धि पैदा होती है, यदि वह मनोदशा मस्तिष्क में क्षणिक न रहे स्थिर हो जाये तो मनुष्य संसारी मायाजाल से शीघ्र ही मुक्ति पा लेता है।
अनासक्ति