Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
संतोष

तृष्णा की खाई खूब भरी, पर रिक्त रही वह रिक्त रही।

The pit of craving was filled again and again, yet empty it remained, empty it stayed.

— आराध्य सूत्र · #24

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