Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
अनासक्ति

अर्थ की ओर दृष्टि लगाने वाले एक दिन अर्थी पर आ जाते हैं, जीवन को व्यर्थ कर दुर्गति के गर्त में चले जाते हैं, दूसरी ओर आत्मा की ओर दृष्टि लगाने वाले एक दिन परमात्मा बन जाते हैं, जीवन को पावन बना लेते हैं और संसार से पार हो जाते हैं।

Those who fix their gaze on wealth one day end up on the funeral bier, wasting their life and falling into the pit of evil births; while those who fix their gaze on the soul one day become the Supreme Soul, making their life holy and crossing beyond worldly existence.

— आराध्य सूत्र · #2

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किसी वस्तु के संयोग के लिए शोक करना इसलिए व्यर्थ है क्योंकि संयोग में शान्ति और स्वाधीनता नहीं है किसी वस्तु के वियोग में शोक करना इसलिए व्यर्थ है क्योंकि पर की रक्षा अपने अधीन नहीं है व पर का अपने से तादात्म्य नहीं है तथा वियोग में अपने स्वरूप की हानि भी नहीं है।
अनासक्ति
धर्म कथा सुनते समय, श्मशान में शवदाह की ज्वाला देखते समय और रोग से सन्तप्त रोगी के कष्ट का अनुभव करते समय मानव हृदय में जो संसार से विरक्त होने की बुद्धि पैदा होती है, यदि वह मनोदशा मस्तिष्क में क्षणिक न रहे स्थिर हो जाये तो मनुष्य संसारी मायाजाल से शीघ्र ही मुक्ति पा लेता है।
अनासक्ति