एक्को जीवो जायदि, एक्को गब्भम्हि गिण्हदे देहं। इक्को वाल जुवाणो, एक्को बुड्ढो जरा गहियो।।
जीव अकेला जन्म लेता है, अकेला गर्भ में निवास करता है, अकेला ही बाल, युवा एवं वृद्ध अवस्था को प्राप्त होता है।
The soul is born alone, dwells alone in the womb, and alone passes through childhood, youth and old age.
— आराध्य सूत्र · #31
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