Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
अनासक्ति

एक्को जीवो जायदि, एक्को गब्भम्हि गिण्हदे देहं। इक्को वाल जुवाणो, एक्को बुड्ढो जरा गहियो।।

जीव अकेला जन्म लेता है, अकेला गर्भ में निवास करता है, अकेला ही बाल, युवा एवं वृद्ध अवस्था को प्राप्त होता है।

The soul is born alone, dwells alone in the womb, and alone passes through childhood, youth and old age.

— आराध्य सूत्र · #31

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किसी वस्तु के संयोग के लिए शोक करना इसलिए व्यर्थ है क्योंकि संयोग में शान्ति और स्वाधीनता नहीं है किसी वस्तु के वियोग में शोक करना इसलिए व्यर्थ है क्योंकि पर की रक्षा अपने अधीन नहीं है व पर का अपने से तादात्म्य नहीं है तथा वियोग में अपने स्वरूप की हानि भी नहीं है।
अनासक्ति
धर्म कथा सुनते समय, श्मशान में शवदाह की ज्वाला देखते समय और रोग से सन्तप्त रोगी के कष्ट का अनुभव करते समय मानव हृदय में जो संसार से विरक्त होने की बुद्धि पैदा होती है, यदि वह मनोदशा मस्तिष्क में क्षणिक न रहे स्थिर हो जाये तो मनुष्य संसारी मायाजाल से शीघ्र ही मुक्ति पा लेता है।
अनासक्ति