Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
ध्यान

भूकम्प आया तो लोग अपने घर को भागे, मुनि आँखें बन्द करके बैठ गए, श्रावक ने पूँछा! आप क्यों नहीं भागे? मुनि ने कहा हम भी अपने आत्मा रूपी घर की ओर भागे। अर्थात् तुम बाहर की ओर भागे और हम भीतर की ओर भागे।

When an earthquake struck, people ran toward their homes; the muni sat with eyes closed. A shravak asked, 'Why did you not run?' The muni replied, 'I too ran toward my true home, the soul — you ran outward, I ran inward.'

— आराध्य सूत्र · #8

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