मणुवगईए वि तवो, मणुवगईए महव्वयं सयलं। मणुव गदीए झाणं, मणुव गईए विणिव्वाणं॥
तप, महाव्रत, ध्यान और निर्वाण मनुष्य गति में ही प्राप्त किया जा सकता है।
Austerity, the great vows, meditation and final liberation can be attained only in the human state.
— आराध्य सूत्र · #35
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