Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
धर्म

धम्मो मंगलमुक्किट्ठं, अहिंसा संजमो तवो। देवावि तस्स पणमन्ति, जस्स धम्मे सया मणो॥

'अहिंसा, संयम व तप रुपी धर्म' मङ्गल और उत्कृष्ट कहा गया है, जिसके मन में सदा धर्म रहता है उसे देवता भी नमस्कार करते हैं।

Dharma—in the form of non-violence, restraint and austerity—is declared auspicious and supreme; even the gods bow to one in whose mind dharma ever dwells.

— आराध्य सूत्र · #29

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