Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
विवेक

जल तरणी विद्या- एक शिष्य ने बारह वर्ष में जल तरणी विद्या सिद्ध की, और उत्सुकता पूर्वक गुरु को बताया, तो गुरु ने कहा अरे दस रुपए की विद्या के लिए तुमने बारह वर्ष नष्ट कर दिए, नाविक को दस रुपए देकर पार हो जाते दस वर्ष क्यों गंवा दिए, यदि भव तरणी विद्या सीखी होती तो संसार से पार उतर गए होते।

The art of walking on water: a disciple spent twelve years mastering the art of walking on water and eagerly told his guru. The guru said, 'You wasted twelve years for a skill worth ten rupees—you could have crossed by paying a boatman ten rupees. Had you instead learned the art of crossing rebirth, you would have crossed beyond samsara.'

— आराध्य सूत्र · #6

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प्रकृति ने सूर्योदय, सूर्यास्त, गर्मी, बरसात, ठंड सब का समय निश्चित कर रखा है केवल मनुष्य को ही हर बात की छूट दे रखी है, कब सोना, कब जागना, क्या करना सब कुछ स्वयं मनुष्य के हाथ में है वह सब कुछ करने में स्वतंत्र है।
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