Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
कर्म

यदज्ञानेन जीवेन, कृतं पापं सुदारुणं। उपवासेन तत्सर्वं, दहत्यग्निरिवेन्धनं॥

जीव ने अज्ञान पूर्वक जो दुःखदायी कर्म बाँधे हैं, जैसे अग्नि ईंधन को जला देती है, उसी तरह उपवास उन सब पापों को जला देता है।

The painful karmas the soul has bound in ignorance—just as fire burns up fuel, so fasting burns away all those sins.

— आराध्य सूत्र · #51

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