Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
समाधि

यह आँख खुली का वह आँख बन्द का-राजा का इकलौता बेटा मर गया, राजा की आँख खुली तो हँसने लगा, रानी के पूँछने पर बोला अभी-अभी स्वप्न में आठ आज्ञाकारी पुत्रों को देख रहा था, पर आँख खुलने पर वे गायव हो गये अब मैं सोच रहा हूँ, कि उसके खोने के लिए रोऊँ या इसके लिए रोऊँ, मन में आता है कि वो बन्द आँख का स्वप्न था और ये खुली आँख का स्वप्न है, दोनों झूठे है अतः रोना व्यर्थ है और राजा आत्म कल्याण में लग गया था।

This is an open-eyed dream, that a closed-eyed one: a king's only son died, yet when the king woke he began to laugh. Asked by the queen, he said, 'Just now in a dream I was seeing eight obedient sons, but on waking they vanished; now I wonder whether to weep for their loss or for this one. It occurs to me that that was a closed-eyed dream and this is an open-eyed dream — both are false, so weeping is useless,' and the king turned to the welfare of his soul.

— आराध्य सूत्र · #6

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बालक जन्मता है तो वह बड़ा होगा कि नहीं, पढ़ेगा कि नहीं, उसका विवाह होगा कि नहीं, उसके बाल-बच्चे होंगे कि नहीं, उसके पास धन होगा कि नहीं आदि सब बातों में सन्देह है, पर वह मरेगा कि नहीं, इसमें कोई संदेह नहीं है।
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