Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
समाधि

एक नगर में राजा बनने के पाँच साल बाद राजा को जङ्गल में छोड़ दिया जाता था, इसलिए कोई राजा नहीं बनना चाहता था, एक राजा ने उस जङ्गल में नगर बसा लिया और अपने अनुकूल सारी व्यवस्था बना ली। इसी तरह मनुष्य पर्याय रुपी राजा बनकर मोक्ष नगर बसायें अन्यथा चौरासी लाख योनि के वन में जाने से कोई नहीं रोक सकता है।

In a city, five years after becoming king a king was abandoned in the forest, so no one wished to be king; one king built a city in that forest and arranged everything to his liking. Likewise, on becoming the king of human birth one should found the city of liberation, or else none can stop him from entering the forest of the eighty-four lakh birth-forms.

— आराध्य सूत्र · #40

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बालक जन्मता है तो वह बड़ा होगा कि नहीं, पढ़ेगा कि नहीं, उसका विवाह होगा कि नहीं, उसके बाल-बच्चे होंगे कि नहीं, उसके पास धन होगा कि नहीं आदि सब बातों में सन्देह है, पर वह मरेगा कि नहीं, इसमें कोई संदेह नहीं है।
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