Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
ध्यान

दया दम त्याग समाधिसन्ततेः, पथि प्रयाहि प्रगुणं प्रयत्नवान्। नयत्यवस्यं वचसामगोचरं, विकल्प दूरं परमं किमप्यसौ।।

दया, इन्द्रिय दमन, त्याग, ध्यान की परम्परा के मार्ग में सरलता के साथ प्रयत्न पूर्वक गमन करो, यह मार्ग अवश्य ही विकल्पों से रहित वचनातीत सुखों वाले स्थान में ले जाता है।

Walk with effort and simplicity on the path of compassion, sense-subduing, renunciation and meditation; this path surely leads to that supreme place of ineffable joy, free of all mental alternatives.

— आराध्य सूत्र · #18

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