अवश्यं यदि नश्यन्ति, स्थित्वापि विषयाश्चिरं। स्वयं त्याज्या स्तथाहि स्यान्, मुक्ति संसृतिरन्यथा।।
चिर काल तक स्थिर रह कर भी विषय अवश्य ही नष्ट हो जाते हैं, यदि उन्हें स्वयं छोड़ दिया जाए तो मोक्ष प्राप्त होता है, यदि वे छूटते हैं तो संसार प्राप्त होता हैं।
Though they abide long, sense-objects are certain to perish; if one gives them up oneself, liberation is attained; if they leave you (by force), then samsara results.
— आराध्य सूत्र · #7
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