Jain Quotes

जैन जीवन-पद्धति सूत्र
अनासक्ति

पाँच मिनिट सेज पर सोने में ये सजा– एक दासी ने राजा की सेज लगाई और सोचा थोड़ी देर सोकर देखूँ, इतने में राजा आ गया, उसने कोड़े लगाये वह हँसती रही, राजा के पूँछने पर उसने कहा कि पाँच मिनट की इतनी सजा तो आप को कितनी सजा मिलेगी।

A maidservant made up the king's bed and thought she would lie down a while. Just then the king arrived and whipped her, yet she kept laughing. Asked why, she said, 'If five minutes brings such punishment, how great will be the punishment awaiting you?'

— आराध्य सूत्र · #74

इसी विषय के और सूत्र

सभी अनासक्ति →
किसी वस्तु के संयोग के लिए शोक करना इसलिए व्यर्थ है क्योंकि संयोग में शान्ति और स्वाधीनता नहीं है किसी वस्तु के वियोग में शोक करना इसलिए व्यर्थ है क्योंकि पर की रक्षा अपने अधीन नहीं है व पर का अपने से तादात्म्य नहीं है तथा वियोग में अपने स्वरूप की हानि भी नहीं है।
अनासक्ति
धर्म कथा सुनते समय, श्मशान में शवदाह की ज्वाला देखते समय और रोग से सन्तप्त रोगी के कष्ट का अनुभव करते समय मानव हृदय में जो संसार से विरक्त होने की बुद्धि पैदा होती है, यदि वह मनोदशा मस्तिष्क में क्षणिक न रहे स्थिर हो जाये तो मनुष्य संसारी मायाजाल से शीघ्र ही मुक्ति पा लेता है।
अनासक्ति