ध्यान गम्भीरता के विना तपश्चरण का अनन्द नहीं आता है। Without depth of seriousness, the bliss of penance does not arise. — आराध्य सूत्र · #59 0 – भेजें 🖼️ इमेज सेव करें · Save image card
ईश्वर के चिंतन से करोड़ों पाप इस तरह नष्ट हो जाते हैं, जैसे आग की एक चिंगारी सूखी घास के ढेर को जला देती है। ध्यान 0 – भेजें
जैन दर्शन में आत्मा का ध्यान प्रमुख है और जैनेत्तर दर्शन में परमात्मा का ध्यान मुख्य है। ध्यान 0 – भेजें